GSSY - Guru Siyag's Siddha Yoga
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ध्यान की  विधि : - Select language

क्या एक निर्जीव चित्र, सजीव (मानव) पर प्रभाव डाल सकता है ? 

प्रत्यक्ष को प्रमाण क्या ? ध्यान करके देखें।

सद्गुरुदेव सियाग सिद्धयोग आराधना की एक सरल विधि है। इसमें दो कार्य करने होते हैं। सघन नाम (मंत्र) जप व नियमित ध्यान।

     आरामदायक स्थिति में बैठकर थोड़ी देर के लिए गुरुदेव के चित्र को एकाग्रता से, खुली आँखों से देखें। फिर आँखें बंद करके समर्थ सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग के चित्र को अपने आज्ञाचक्र पर (जहाँ बिन्दी या तिलक लगाते हैं) केन्द्रित कर, गुरुदेव से 15 मिनट के लिए ध्यान स्थिर करने की करूण प्रार्थना करें।

अब गुरुदेव द्वारा दिये गए संजीवनी मंत्र का मानसिक रूप से सघन जप करें (बिना होंठ-जीभ हिलाए)। नाम जप ही ध्यान की चाबी (Key) है। इसको तेल की धार की तरह, हर समय (Round the Clock) सघन मंत्र जप करें।

इस दौरान कोई भी यौगिक क्रिया (आसन, बंध, मुद्रा या प्राणायाम) हो तो घबराएँ नहीं तथा न ही इन्हें रोकने का प्रयास करें।

ध्यान अवधि पूर्ण होते ही सामान्य स्थिति हो जाएगी। इस विधि से सुबह-शाम खाली पेट नियमित रूप से (केवल 15 मिनट) ध्यान करते रहें।

गुरुदेव का मंत्र चेतन (Enlightened) मंत्र है, इसमें प्राण प्रतिष्ठा की हुई है। इस मंत्र में असंख्य ऋषियों की कमाई है।

गुरुदेव की दिव्य आवाज में संजीवनी मंत्र सुनने के लिए डायल करें- 07533006009 या गुरुदेव का मंत्र वीडियो देखें।