GSSY - Guru Siyag's Siddha Yoga
शंका समाधान : -
वर्ष 2012 में जोधपुर आश्रम में शक्तिपात दीक्षा कार्यक्रमों के दौरान साधकों की शंकाओं का सद्गुरुदेव ने समाधान किया

इस नाम को जपोगे और मेरा ध्यान करोगे तो जो माँगोगे, वही मिलेगा।

साधक - जागृति (कुडलिनी जागरण) कितने समय में हो जाएगी? 

गुरुदेव - इसमें समय नहीं होता,  फेथ (विश्वास) होता है। विश्वास काम करता है। और गुरु बना रखे हैं क्या?

साधक - जी गुरुदेव, काशी में है, स्वामी जी।

गुरुदेव- देखो, नाम मैं जो बताता हूँ, वो जपोगे, तो ही फायदा होगा। 

साधक - गुरुदेव, मैंने ध्यान के दौरान देखा कि आप ही भगवान् श्री कृष्ण हैं, इसका क्या मतलब हुआ?

गुरुदेव - (मुस्कुराते हुए) वो आप जानो।

साधक - गुरुदेव ये मेरी पत्नी है, Russia (रूस) से है, ये चाहती है कि इनके घर-परिवार वालों पर भी आपकी कृपा हो, वो भी आपका ध्यान करें।

     गुरुदेवः- हाँ, जरूर ऐसा करो, मेरी किताब है अंगेजी में, Religious Revolution in the world (विश्व में धाार्मिक क्रांति) वो ले जाओ, मेरी C.D ले जाओ कंप्युटर में से, घरवालों को दिखाओ और रूस में भी सबको बताओ। और नाम जपो हर वक्त।

साधक - गुरुदेव मेरी किडनी में   Problem ,  हर वक्त पेट में दर्द भी रहता है। डाॅक्टर ने कहा है, दोनों किडनियाँ खराब है। 

गुरुदेव - ठीक हो जाऐंगी, नाम जपो।

साधक - गुरुदेव मैं काॅम्पीटिशन की तैयारी कर रहा हूँ। काॅम्पीटीशन में सफल होने के लिए क्या करूँ?

गुरुदेव - दीक्षा कार्यक्रम में आना, गुरुवार को वीरवार को तुमको ध्यान का तरीका बताऐंगें, उसको करोगे काॅम्पीटीशन में सफल हो जाओगे।

साधक - गुरुदेव, नाम जप में मुश्किल होती है।

     गुरुदेव - नाम तो जपना ही पड़ेगा। मंजिल तक पहुँचने के लिये चलना तो आपको ही पडे़गा, मतलब उसका नाम (मंत्र) तो जपना ही पड़ेगा।

साधक - गुरुदेव ध्यान नहीं लगता है।

गुरुदेवः- नाम जप करो हर समय (Round the Clock ) तेल की धार की तरह, साइकिल की चैन की तरह।

साधक - गुरुदेव नाम जप नहीं होता, नाम नहीं जपा जाता है?

गुरुदेवः- कोशिश करते रहो, कोशिश करने से सब कुछ संभव है।

साधकः- गुरुदेव नाद सुनने लग गया है, नाद सुनें या नाम जपे?

     गुरुदेव - नाद सुनो।

साधक - गुरुदेव भीड़ में शोरगुल में नाद सुनाई नहीं देता है, उस समय क्या करें?

गुरुदेव - हाँ, उस समय नाम जप करो। 

साधक - और, गुरुदेव, ध्यान के समय?

गुरुदेव - ध्यान में नाद सुनो।

साधक - गुरुदेव, तिल्ली लगातार बढ़ रही है, डाॅक्टर्स को भी दिखाया है, कोई फायदा नहीं हुआ?

गुरुदेव- नाम जपो, ठीक हो जाएगी।

साधक - गुरुदेव, पेट में, साइड में गाँठ है

गुरुदेव - किसकी है, कैंसर की ?

साधक - जी हाँ, गुरुदेव

गुरुदेव - नाम जप व ध्यान करो, ठीक हो जाएगी।

साधक - गुरुदेव सीने में, हाथ, पैरों में दर्द रहता है।

गुरुदेव- दीक्षा कब ली?

साधक - गुरुदेव, आज ही।

गुरुदेव - नाम जपो, ठीक हो जाएगा। नाम जप ही इस आराधना में आगे बढ़ने का ठोस आधार है।

साधक - मुझे एड्स है, (HIV Positive)

गुरुदेव:- आपकी पत्नी को भी है क्या ?

साधक - जी हां गुरुदेव।

गुरुदेव - दोनों ही 15 मिनट ध्यान करो और हर समय नाम जपते रहो, ठीक हो जाओगे।

साधक:- गुरुदेव, ध्यान नहीं लगता है 

गुरुदेव - नाम जपते रहो, हर समय।

साधक - गुरुदेव, अजपा व घंटी की आवाज दोनों साथ-साथ सुनाई देती है क्या करूं?

गुरुदेव - अजपा को सुनो।

साधक - गुरुदेव, मैं और मेरे परिवार के सभी लोग आप का ध्यान कर रहे हैं। मैंने दो साल से देवी-पूजा व नवरात्रा करना बंद कर दिया हैं, कोई परेशानी तो नहीं हो जाएगी?

गुरुदेव - कोई परेशानी नहीं होगी। अब मैं आ गया हूँ, अब मेरा ध्यान करो। मैं दसवाँ अवतार हूँ, मैं कल्कि अवतार हूँ।

साधक - गुरुदेव, 15 मिनट से ज्यादा ध्यान कर सकते हैं?

     गुरुदेव - केवल 15 मिनट ही ध्यान करो और मंत्र हर समय जपो,(Round the Clock ) ध्यान आपको 15 मिनट ही करना है।  कुछ लोग देर तक बैठे रहते हैं, बाद में मुश्किल हो जाएगी।

साधक - गुरुदेव, पैर में घाव ठीक नहीं हो रहा है, ध्यान भी कर रहा हूँ।

गुरुदेव - ये घाव कैसे हो गया?

साधक - सर्प ने काट लिया था। डाॅक्टरों को दिखाया था। बाद में रिपोर्ट कराई तो उसमें ब्लड कैंसर  आ गया। ध्यान से ठीक हो गया था।

गुरुदेव - कैंसर की नेगेटिव रिपोर्ट है?

साधक - जी गुरुदेव, पोजिटिव और नेगेटिव दोनों रिपोर्ट है, लेकिन घाव ठीक नहीं हो रहा है?

गुरुदेव - नाम जपते रहो, धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा।

साधक - गुरुदेव बीपी की शिकायत है।

गुरुदेव - ध्यान करो, नाम जपो हर समय, ठीक हो जाएगा।

साधक - गुरुदेव मेरे हृदय में छेद है।

गुरुदेव - कितना समय हो गया?

साधक - साल भर पहले डाॅक्टर को दिखाया था, कहते हैं आॅपरेशन करवाना पडे़गा।

गुरुदेव- हार्ट का नहीं होता है, ठीक हो जाएगा, नाम जपो।

साधक - गुरुदेव दोनों किडनियाँ खराब है, डाइलेसिस पर हूँ ।

गुरुदेव - कहाँ से आए हो?

साधक - उड़ीसा से।

गुरुदेव - ठीक हो जाएगी, नाम जपो। ‘‘दुनिया की उत्पत्ति जिस शब्द से हुई है, उसी शब्द में उसकी सभी समस्याओं का समाधान भी संभव है।’’

साधक - गुरुदेव, क्या नाद एक कान से सुनाई देता है?

गुरुदेव  -  हाँ, एक से भी और दोनों से भी ।

साधक - ऐसा इस मंत्र में क्या है, और यह प्रकिया और योग Technique   से कैसे Difference है ?

गुरुदेव - कृष्ण नौंवे अवतार थे और मैं दसवा अवतार हूँ। मैं कल्कि अवतार हूँ, मेरी तस्वीर से ध्यान लगता हैं। राम और कृष्ण की फोटो से ध्यान नहीं लगता है।

साधक - महर्षि अरविंद ने अपनी किताब में वर्णन किया है कि मनुष्य की कोई योजना नहीं होनी चाहिए अपितु एक लक्ष्य होना चाहिए, रास्ते अपने आप बन जाते              हैं।

गुरुदेव - बिल्कुल, उस किताब में मेरे अवतार की व्याख्या है और उसमें लिखा एक एक शब्द बिल्कुल सही है और मेरे लिए लिखा गया है। मैं कल्कि अवतार हूँ।

साधक - दिन भर के काम और Busy Schedule की वजह से सघन नाम जप नहीं कर पाते हैं, ऐसे में अजपा कैसे हो?

गुरुदेव - कोई बात नहीं, सुबह जल्दी उठ कर ध्यान करें। जब मरीजो को देखते हो पूरा ध्यान उन पर ही दो।

साधक - मुझे गायत्री हवन करना चाहिए  या नहीं?

     गुरुदेव - गायत्री पूजा संन्यासियों के लिए हैं। गृहस्थ के लिए नहीं। मैंने भी गायत्री साधना कर रखी है पर उसने मुझे केवल निर्धनता दी। पर जब से राधा कृष्ण की दीक्षा ली है तब से मैं सम्पन्न हूँ। 

साधक - गुरुदेव ये तामसिक शक्तियाँ, इस समय लोगों को बहुत परेशान कर रहीं है, ये नष्ट कब होंगी?

गुरुदेव - होंगी, जरूर होंगी इसमें थोड़ा समय लगेगा। महर्षि अरविंद ने कहा है - Iron age is ended  कलियुग पूरा खत्म हो गया है।

साधक - क्या ये तामसिक शक्तियाँ पूरी तरह से नष्ट नहीं हो सकती ? ये आपको भी परेशान करती हैं?

     गुरुदेव - बेटा ये तामसिक शक्तियाँ मेरे पास फटक भी नहीं सकती। ये मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इन तामसिक शक्तियों का अन्त होगा, मैं इसी लिए आया हूँ। ‘‘मैं मानवता में सतोगुण का उत्थान और तमोगुण का पतन करने अकेला ही निकल पड़ा हूँ, मुझ पर किसी भी जाति विशेष, धर्म विशेष या देश विशेष का एकाधिकार नहीं  है’’। मैं  दसवां अवतार, कल्कि अवतार हूँ और कल्कि अवतार के सभी Rights (अधिकार) मेरे पास हैं।

साधक - ध्यान करने के पश्चात् बहुत नींद आती है। और कई बार सो जाती हूँ।

 गुरुदेव - वह निंद्रा नहीं, तंद्रा है, उस नींद में देखा गया स्वप्न हमेशा सच होता है।

साधक - क्या आपका नाम ले कर मरीज का इलाज करें तो आप मेरे साथ खड़े होंगे?

     गुरुदेव - बिल्कुल, मेरा नाम लेकर  इलाज करो, मै हमेशा साथ रहूँगा। विज्ञान जल्दी चीजों को मानता नहीं। पर नाम जप और ध्यान से हजारों एड्स के मरीज ठीक हुए हैं।

साधक - कई ऐसे साधक है जो दवाई और नाम जप दोनों कर रहे हैं। उनको कब पता चलेगा कि अब वक्त आ गया है, मैं दवाई छोड़कर, केवल नाम जप और ध्यान के सहारे रह सकता हूँं?

गुरुदेव - इस नाम जप और ध्यान से मरीज अपना पूरा जीवन बिना कठिनाई के आराम से जीता है। उसकी मृत्यु बीमारी से नहीं होती।

साधक - आपका ध्यान और नाम शुरु करने से, मुसीबतें और बढ़ गई है।

    गुरुदेव - ये तामसिक शक्तियों का हमला है, जो मेरे खास शिष्यों पर ही होता है। आपको इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। ये मेरे शिष्यों का कुछ नहीं बिगाड़ सकती।