विश्व ध्यान दिवस 2025
गुरुदेव श्री रामलालजी सियाग
एवीएसके, जोधपुर के संस्थापक और संरक्षक
विश्व ध्यान दिवस 2025 कार्यक्रम – गैलरी एवं झलकियाँ
अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र, जोधपुर के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम
परिचय
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान के महत्व को रेखांकित करते हुए 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित किया है।
विश्व ध्यान दिवस अंतःशांति एवं सामूहिक सद्भाव के मूल्यों को समर्पित है। अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र (एवीएसके), जोधपुर ने भारतीय दूतावासों एवं विभिन्न देशों के भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों के सहयोग से सामूहिक ध्यान कार्यक्रमों का आयोजन किया।
सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग का ध्यान साधकों के लिए आध्यात्मिक जागृति, दिव्य शांति एवं आनंद की प्राप्ति में सहायक है।
गुरुदेव सियाग के ध्यान एवं आध्यात्मिक जागृति सत्र साधकों को वैदिक अवधारणा "वसुधैव कुटुम्बकम्" का अनुभव कराते हैं - अर्थात संस्कृति, राष्ट्रीयता एवं मत-भेद से परे, सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है।
देशवार झलकियाँ
प्रत्येक स्थान से कार्यक्रम का सार एवं गैलरी की झलकियाँ।
तेल अवीव, इज़राइल
स्थान: भारतीय सांस्कृतिक केंद्र (ICC), तेल अवीव
तिथि: 17 दिसंबर, 2025
भारतीय सांस्कृतिक केंद्र, तेल अवीव ने अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र, जोधपुर (एवीएसके) के सहयोग से सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग के आध्यात्मिक ध्यान का परिचय देने वाला एक विशेष सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम में एक परिचयात्मक व्याख्यान के पश्चात एक संक्षिप्त ध्यान सत्र सम्मिलित था, जिससे प्रतिभागियों को अंतः दिव्य शक्ति कुंडलिनी की जागृति तथा इसके शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों का अनुभव हुआ।
कुआलालंपुर, मलेशिया
स्थान: नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय सांस्कृतिक केंद्र
(NSCBICC), कुआलालंपुर
तिथि: 20 दिसंबर, 2025
विश्व ध्यान दिवस 2025 के अवसर पर, कुआलालंपुर में भारत के उच्चायोग ने एवीएसके, जोधपुर के सहयोग से NSCBICC में सद्गुरुदेव सियाग का ध्यान सत्र आयोजित किया। इस सत्र में सहज ध्यान एवं सर्वांगीण स्वास्थ्य पर बल दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को अंतःशांति का एक अनूठा अनुभव प्राप्त हुआ।
मॉस्को, रूस
स्थान: डी. पी. धर सभागार, जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र,
भारतीय दूतावास, मॉस्को
तिथि: 21 दिसंबर, 2025
मॉस्को, रूस स्थित भारतीय दूतावास ने रूस में ICCR के सहयोग से एवीएसके, जोधपुर के साथ मिलकर JNCC, मॉस्को में एक ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम रूसी संघ में भारत के राजदूत महामहिम श्री विनय कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ, जिन्होंने व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं सामाजिक सद्भाव के लिए ध्यान पर बल दिया। सत्र में "कुंडलिनी जागृति अनुभूति" तथा अंतःशांति हेतु आध्यात्मिक ध्यान सम्मिलित था।
फीनिक्स, मॉरीशस
स्थान: इंदिरा गांधी भारतीय संस्कृति केंद्र (IGC), फीनिक्स,
मॉरीशस
तिथि: 21 दिसंबर, 2025
मॉरीशस में भारत के उच्चायोग ने एवीएसके, जोधपुर के सहयोग से इंदिरा गांधी भारतीय संस्कृति केंद्र, फीनिक्स में एक ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया। सत्र के प्रारंभ में प्रतिभागियों को कुंडलिनी जागृति के आध्यात्मिक विज्ञान से परिचित कराया गया, इसके पश्चात गहन ध्यान कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप दिव्य आनंद की सशक्त अनुभूति हुई।
अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात
स्थान: भारतीय दूतावास सभागार, अबू धाबी
तिथि: 21 दिसंबर, 2025
अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने एवीएसके, जोधपुर के सहयोग से विश्व ध्यान दिवस 2025 के वैश्विक आयोजन के अंतर्गत एक सामूहिक ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया। प्रतिभागियों ने ध्यान के दौरान एवं उसके पश्चात अंतःशांति एवं दिव्य आनंद का अनुभव किया, जिससे एक शांत एवं आध्यात्मिक रूप से उत्थानशील वातावरण का निर्माण हुआ।
ग्रेटर अटलांटा, जॉर्जिया, यूएसए
स्थान: सुवानी (ग्रेटर अटलांटा) – अटलांटा पिरामिड मेडिटेशन
एकेडमी
तिथि: 21 दिसंबर, 2025
संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय दूतावास तथा अटलांटा पिरामिड मेडिटेशन एकेडमी ने सुवानी, ग्रेटर अटलांटा में 500 से अधिक प्रतिभागियों के साथ एक विशाल ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में सद्गुरुदेव सियाग के आध्यात्मिक प्रवचन पर आधारित एक वीडियो दिखाया गया, इसके पश्चात ध्यान सत्र हुआ, जिससे दिव्य एकता एवं शांति का एक अनूठा वातावरण निर्मित हुआ।
साओ पाओलो, ब्राज़ील
स्थान: भारतीय सांस्कृतिक केंद्र, साओ पाओलो
तिथि: 22 दिसंबर, 2025
साओ पाओलो, ब्राज़ील स्थित भारतीय सांस्कृतिक केंद्र ने एवीएसके, जोधपुर के सहयोग से स्थानीय लोगों के लिए एक सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किया। प्रतिभागियों को सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग एवं उनकी आध्यात्मिक ध्यान प्रक्रिया का परिचय दिया गया, इसके पश्चात एक गहन ध्यान सत्र हुआ। इस सत्र से कुंडलिनी शक्ति की जागृति एवं उसकी अनुभूति हुई।
एक विश्व, एक चेतना
विभिन्न देशों में विश्व ध्यान दिवस 2025 के कार्यक्रमों ने एक सरल सत्य को प्रदर्शित किया: आध्यात्मिक एकता वैश्विक सद्भाव का निर्माण कर सकती है। विभिन्न देशों एवं संस्कृतियों में प्रतिभागियों ने समान दिव्य अनुभूति, शांति एवं आनंद का अनुभव किया।
यह वैश्विक आंदोलन दिव्य रूपांतरण के माध्यम से शांति फैलाते हुए निरंतर बढ़ रहा है। एवीएसके, जोधपुर आपसे दैनिक ध्यान का अभ्यास जारी रखने का आग्रह करता है तथा सद्गुरुदेव सियाग की आध्यात्मिक ध्यान पद्धति के भविष्य के कार्यक्रमों में सहभागी बनने हेतु आमंत्रित करता है।