एवीएसके परिचय

अध्यात्म विज्ञान सत्संग केन्द्र, जोधपुर (AVSK) संस्था के संस्थापक तथा संरक्षक समर्थ सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग हैं। यह संस्था राजस्थान के देवस्थान विभाग में रजिस्टर्ड है। इसकी स्थापना सन् 1993 में हुई। भारतीय योग दर्शन में वर्णित सिद्धयोग के प्रचार प्रसार तथा उसे पुनर्जीवित करने के लिये समर्पित है।

संस्था का मुख्य उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में गुरुदेव सियाग सिद्धयोग द्वारा मानव मात्र का दिव्य रूपान्तरण करना है।

अध्यात्म विज्ञान सत्संग केन्द्र, जोधपुर एक अलाभकारी आध्यात्मिक संस्था है। इसका अपनी स्वंय की आमदनी का कोई साधन नहीं है और न ही यह सरकार से अथवा व्यवसायिक घरानों से किसी प्रकार के फन्ड प्राप्त करने की कोशिश करती है। इसके समस्त कार्यकलाप गुरुदेव सियाग के शिष्यों द्वारा स्वेच्छापूर्वक नकद या उपकार के रूप में दिये गये योगदान से होते हैं।

उद्देश्य:

  • विश्व के समस्त धर्मों के विकारों एवं आडम्बरों से मानव मात्र को मुक्त करना एवं अध्यात्म के मूलभूत सार्वभौम सिद्धान्त के अनुसार "मन मन्दिर" में उस परमतत्व की प्रत्यक्षानुभूति एवं साक्षात्कार कराना।

  • समस्त विश्व के मानवों के कल्याण हेतु बिना किसी वर्ग, वर्ण, जाति, धर्म, राष्ट्रीयता एवं लिंग भेद के इस दिव्य "अध्यात्म ज्ञान" का प्रचार एवं प्रसार करना एवं समस्त विश्व में अध्यात्म विज्ञान सत्संग केन्द्र स्थापित करना।

  • विश्व कल्याण हेतु सम्पूर्ण विश्व में वैदिक मनोविज्ञान (अध्यात्म विज्ञान) की शिक्षा हेतु प्रबन्ध करना तथा वहीं के लोगों को इस ज्ञान का प्रशिक्षण देने योग्य बनाना।

  • विश्व के सभी सकारात्मक स्त्री-पुरुषों को शक्तिपात दीक्षा देकर चेतन करना तथा उन्हें अपने ही देश में इस ज्ञान के प्रचार-प्रसार का अधिकार देकर मानव शान्ति का पथ प्रशस्त करना।

  • सिद्धयोग में वर्णित "शक्तिपात दीक्षा" द्वारा मानवीय गुणों में परिवर्तन लाया जाकर तमोगुण से रजोगुण, रजोगुण से सतोगुण, सतोगुण से "त्रिगुणातीत" जाति में बदलकर उस परमतत्व की प्रत्यक्षानुभूति एवं साक्षात्कार कराना।

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