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रुक्मणी

अनिद्रा व घुटनों के दर्द से मुक्ति मिली

पता

रुक्मणी पत्नी श्री खेमचन्द शक्यवाल, रामचन्द्रपुरा छावनी कोटा (राज.)

मैं समर्थ सदगुरुदेव के श्री चरणों में शत्-शत् नमन करती हूँ। मेरी उम्र 50 वर्ष है। मैं, रुक्मणी शाक्यवाल, रामचन्द्रपुरा छावनी कोटा में निवास करती हूँ तथा आंगनवाड़ी केन्द्र में कार्यरत हूँ। सदगुरुदेव ने मेरे पर जो असीम कृपा की, जो जीवन दान मुझे दिया, उसके संबंध में आत्मिक भाव से मेरे विचार व्यक्त कर रही हूँ।

  • मैं 16-17 वर्षों से कई प्रकार के रोग, जैसे-जोड़ों के दर्द, नींद न आना, आँखों की एलर्जी आदि से पीड़ित थी। हमारे पड़ोसी श्री भानुदत्त जी ने हमसे आग्रह किया कि आप समर्थ सदगुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग की वाणी में मंत्र दीक्षा लेकर, उस मंत्र का जप व उनकी फोटो का ध्यान करो, उनकी कृपा से आपको सारे रोगों से मुक्ति मिल जाएगी।

  • मैंने 16-17 वर्षों में एलोपेथिक, होम्योपेथिक तथा आयुर्वेदिक आदि समस्त पेथियों के अच्छे से अच्छे डॉक्टरों से इलाज करवाया किन्तु रोगों से मुक्ति नहीं मिली। शारीरिक, मानसिक व आर्थिक नुकसान भुगतने के बाद, विगत गुरुपूर्णिमा महोत्सव पर गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग के कोटा स्थित आश्रम में परिवार सहित जाकर गुरुदेव की वाणी में मंत्र दीक्षा ली और उसके बाद से ही मैं नियमित मंत्र जप व ध्यान कर रही हूँ।

पिछले माह अगस्त 2017 में डॉक्टर ने पेट का ऑपरेशन करने के लिए कहा था कि आपके पेट का ऑपरेशन होगा। मैंने ध्यान के दौरान गुरुदेव से प्रार्थना की तो उनकी कृपा से मेरे पेट की सभी जांचे सामान्य आयी। किसी तरह की कोई खराबी नहीं आयी। डॉक्टर ने कहा कि अब आपका ऑपरेशन करने की आवश्यकता नहीं है।
  • ये सब सदगुरुदेव की कृपा से ही हुआ है। 16-17 वर्षों से मैं जिन-जिन रोगों से पिड़ित थी, गुरुदेव की असीम कृपा से उन सभी रोगों से मुक्त हो चुकी हूँ। गुरुदेव के श्री चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।

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