मसीहा को हानि पहुँचाने का प्रयास होगा

Sketch छंद और उनके अर्थ
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और सांप ने उस स्त्री के पीछे अपने मूंह से नदी की नाईं पानी बहाया, कि उसे उस नदी से बहा दे। परन्तु पृथ्वी ने उस स्त्री की सहायता की, और अपना मुँह खोलकर उस नदी को जो अजगर ने अपने मुँह से बहाई थी, पी लिया ।
— भविष्यवाणियाँ रिवीलेशन १२:१५ व १२:१६ कहती हैं

सम्बद्धता:

  • यह भविष्यवाणी जिसका यहाँ वर्णन किया गया है वास्तव में गुरुदेव के जीवन में घटित हुई। गुरुदेव ने स्वयं इस घटना का वर्णन किया है।

  • गुरुदेव ने स्वयं इस घटना का वर्णन करते हुए, ‘‘वर्ष 1933 में, मानसून के मौसम में, असामान्य रूपसे भारी वर्षा हो रही थी। मैं 9 वर्ष का था तथा राजस्थान राज्य के बीकानेर जिले के पलाना गाँव में अपनी माँ के साथ रह रहा था। मेरा गाँव कुछ नीचाई में है इस कारण वर्षा का पानी बहकर गाँव में आता है, भारी वर्षा के कारण गाँव पानी से भर गया था। गाँव के मकान अधिकतर मिट्टी के(कच्चे) बने थे और उनमें से लगभग सभी गिर गये थे। मेरे घर में, एक लकड़ी की झोंपड़ी बनी रह गई थी, उसी में मेरी माँ व मैंने शरण ले रखी थी। अचानक, गाँव के दक्षिण-पश्चिम में 10-15 जगह जमीन में दरारें आ गईं, यह दरारें लगभग 15-20 फुट लम्बी तथा ढाई फुट चौडी थीं। कुछ ही मिनटों में सारा पानी उन दरारों में समा गया। मेरी झोंपड़ी से लगभग 10-15 फुट दूर उत्तरी-पश्चिमी दिशा में, एक वैसी ही दरार दिखलाई पड़ी और जो पानी हमारे चारों तरफ हमें घेरे हुए था, वह उसमें चला गया। अगर वह दरार वहाँ नहीं पड़ती तो अगले 10-15 मिनट में मेरी माँ और मैं डूब गये होते।’’

  • इन दरारों के पीछे मुख्य कारण गाँव के पास ही कोयला-खानों का होना था। कोई कार्य बिना कारण के कभी नहीं हो सकता। परन्तु जब यह भविष्यवाणी की गई थी उस समय मेरा गाँव व कोयले की खानें वहाँ नहीं थीं। मेरा गाँव ३९० वर्ष पूर्व बसा था तथा कोयले की खानें लगभग १०० से ११० वर्ष पूर्व खोदी गई थीं।

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