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प्रकाश तुलसी सिंह

याद्दाश्त वापस लौटी - गुरुदेव की कृपा से दिमागी बुखार ठीक हुआ

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प्रकाश तुलसी सिंह परमार 202-आकांशा-साई नगर वसई (वेस्ट) मुम्बई

सर्व प्रथम समर्थ सदगुरुदेव के पावन चरणों में बारंबार कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ जिनकी असीम कृपा से मेरे जीवन में अद्भुत बदलाव आया।

  • दिसम्बर 2010 में मुझे दिमागी बुखार हुआ। कई डॉक्टरों को दिखाया फिर भी मुझे कोई लाभ नहीं हुआ। मुंबई में हिंदुजा हॉस्पीटल में एम आर आई करवाई तो उसमें टी.बी. बताया। याद्दाश्त भी खो गई थी। कुछ याद नहीं रहता था। डॉक्टरों ने कहा था कि कुछ ही महीनों में मृत्यु हो सकती है। कोई इलाज नहीं है। घरवाले सब रोने लगे, फिर हॉस्पीटल से छुट्टी लेकर घर आ गये।

  • जगदीश पुरोहित गुरुभाई थाने, मुम्बई से हमारे परिचित थे, उन्होने मुझे गुरुदेव के बारे में बताया और मुझे वसई आश्रम में ले गये। वहाँ मुझे सी डी से दीक्षा दिलवाई। वहाँ के गुरुभाई श्री जीवन भाई ने पहली बार मुझे काफी समझाने की कोशिश की लेकिन मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया, कुछ खास विश्वास भी नहीं हुआ। फिर भी गुरुदेव की कृपा से मैं ध्यान और नाम जप नियमित (Regular) कर रहा था।

धीरे-धीरे मेरी तबीयत में सुधार होने लगा। मैं नियमित वसई (मुम्बई) आश्रम जाने लगा। फिर मैंने महीने भर बाद वापस डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर साहब ने पूरी जाँच करने के बाद दवाई कम की और कहा कि ये तो करिश्मा हो गया।
  • क्या करते हो? तो मैंने कहा कि मैं गुरुदेव द्वारा दिये गये मंत्र का जाप करता हूँ। मेरा गुरुदेव के चरणों में पूर्ण समर्पण हो गया। अब मैं अपना छूटा हुआ व्यापार भी अच्छी तरह से संभाल रहा हूँ और मेरी याद्दास्त भी वापस आ गई। ऐसे पूज्यवर सदगुरुदेव भगवान् को अनंत अनंत नमन् करता हूँ।

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