Image रामदयाल वैष्णव

रामदयाल वैष्णव

गठिया व पथरी से निजात

पता

रामदयाल वैष्णव पुत्र श्री तुलसीदास वैष्णव बुचकला वाया-पीपाड़ सिटी, जोधपुर (राज.)

मैंने सदगुरुदेव से दीक्षा, 25 अक्टूबर 07 को ली। दीक्षा लेने से पूर्व मैं 20 सालों से गठिया रोग से पीड़ित था तथा गुर्दे में पथरी थी। मैं नारकीय जीवन जी रहा था। मैं हर समय मानसिक तनाव में रहता था। रोजाना गोली केप्सुल दर्द निवारक दवाईयां लेता था, जिससे कुछ समय के लिए अस्थाई आराम मिलता था।

  • कई वैद्य, डॉक्टरों से इलाज करवाया, पर ठीक नहीं हुआ। शारीरिक रूप से बहुत कमजोर हो गया था। दवाईयों से कुछ भी सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। लेकिन सदगुरुदेव से दीक्षा लेने के बाद मेरा जीवन ही बदल गया। मैंने सभी प्रकार की दवाईयाँ लेनी बन्द कर दी।

  • आज सात माह बाद मेरा गठिया रोग खत्म हो गया, गुर्दे की पथरी स्वतः ही निकल गई तथा शरीर में अब किसी प्रकार का दर्द नहीं रहता है।

20 सालों से गठिया रोग से पीड़ित था तथा गुर्दे में पथरी थी। मैं नारकीय जीवन जी रहा था। गुरुदेव से दीक्षा लेने के बाद मेरा जीवन बदल गया। आज मेरा गठिया रोग खत्म हो गया, गुर्दे की पथरी स्वतः ही निकल गई तथा शरीर में अब किसी प्रकार का दर्द नहीं रहता है।
  • बेचैनी व मानसिक तनाव भी अब खत्म हो गया। गुरुदेव की महिमा अपरम्पार है। गुरुदेव से दीक्षा लेने व ध्यान लगाने से मेरा जीवन आनन्दमय हो गया तथा मुझे नारकीय जीवन से मुक्ति मिल गई। गुरुदेव को शत् शत् नमन्।

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