Image ताराराम पालीवाल

ताराराम पालीवाल

टी. बी. से मुक्ति​​

पता

गाँव – सिनली, तह. – पचपदरा, जिला-बाड़मेर (राज.), भारत

मैं (ताराराम पालीवाल) बाड़मेर जिले के बालोतरा शहर में, फैक्ट्री में काम करता हूँ। मैं लगभग बीस वर्षों से टी. बी. से पीड़ित था। हर महीनें लगभग दो हजार रूपये की दवाई खा जाता था। थोड़ी सी धुल उड़ने पर मुझे श्वास की तकलीफ हो जाती थी। मैं परेशान हो चुका था।

  • एक दिन मेरे एक मित्र ने मुझे ‘गुरुदेव सियाग सिद्धयोग’ के बारे में बताया। उसने मुझे गुरुदेव का चित्र दिखाते हुए कहा कि ‘‘इनके द्वारा दिए गए संजीवनी मंत्र के नियमित जाप और ध्यान से सभी प्रकार की बीमारियों एवं नशों से मुक्ति मिल जाती है।’’ उसने मुझे इसको करने की सलाह दी।

  • उसी दिन शाम को मैने गुरुदेव का ध्यान किया और मन में शान्ति का एहसास हुआ। फिर मैं नियमित रूप से संजीवनी मंत्र का सघन जाप और ध्यान करता रहा। सन् 2013 में जोधपुर आश्रम आकर गुरुदेव से शक्तिपात दीक्षा ली और दवाईयों के साथ-साथ गुरुदेव की आराधना करता रहा।

मुझे पूर्णतः ठीक होने में एक साल लग गया इसका कारण यह था कि मेरे परिवार और पड़ोसी मुझे भोपो एवं देवी-देवताओं के वहाँ जाने के लिए उकसाते थे और इस कारण मेरी धारणा स्थिर नहीं हो पाई।
  • कुछ महीनों तक मैं अपने घरवालों के बहकावे में आता रहा परन्तु धीरे-धीरे मुझे यह एहसास हुआ तो मुझे कहीं भी जाना अच्छा नहीं लगता था। अब मुझे यह विश्वास हो गया था कि गुरुदेव के ध्यान और संजीवनी मंत्र के जाप से मैं ठीक हो जाउंगा।

  • आखिर मैने यह तय किया कि चाहे जीऊं या मरूं, केवल गुरुदेव का ध्यान और मंत्र जाप करूंगा और मैंने एकाग्र होकर सघन मंत्र जाप और ध्यान शुरू कर दिया। मुझे विभिन्न प्रकार की यौगिक क्रियाएँ स्वतः ही हुईं और धीरे-धीरे मेरे स्वास्थ्य में सुधार होता गया और आज पाँच वर्ष से भी ज्यादा समय हो गया है, मैं बिल्कुल स्वस्थ हूँ।

  • मै पिछले बीस वर्षों से दवाईयों पर आश्रित था पर अब कोई दवाई नहीं ले रहा हूँ। मंत्र जाप और ध्यान से मेरा जीवन बच गया। सदगुरुदेव सियाग के असीम आशीर्वाद से जीवन धन्य हो गया।

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